विवेक, जिम्मेदारी से परिपूर्ण और अहंकार से परे होनी चाहिए पत्रकारिता…!
आशा पटेल / जयपुर
सामाजिक सरोकार और अपराध पत्रकारिता पर कार्यशाला सम्पन्न
जिम्मेदार रिपोर्टिंग, नैतिक *पत्रकारिता और AI के संतुलित उपयोग पर जोर
वरिष्ठ पत्रकारों और अधिकारियों ने साझा किए फील्ड रिपोर्टिंग के अनुभव
ASMNI राजस्थान का पहला एकेडमिक आयोजन बना पत्रकारों के लिए मार्गदर्शक
जयपुर में सच की कलम को नई दिशा देने के उद्देश्य से सामाजिक सरोकार और अपराध विषयक पत्रकारिता पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। असमनी राजस्थान (Association of Small and Medium Newspapers of India) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में जिम्मेदार पत्रकारिता, नैतिक रिपोर्टिंग और AI के संतुलित उपयोग को आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत बताया गया।* कलानेरी परिसर में हुआ गहन मंथन
जयपुर के कलानेरी परिसर में शुक्रवार को आयोजित यह कार्यक्रम असमनी राजस्थान का इस वर्ष का पहला एकेडमिक आयोजन रहा। कार्यशाला में सामाजिक मुद्दों और अपराध रिपोर्टिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि संवेदनशील खबरों में सच्चाई, संयम और तथ्यों की पुष्टि सबसे जरूरी तत्व हैं।
पत्रकारिता में विवेक और जिम्मेदारी अनिवार्य: राकेश शर्मा
कार्यशाला में सूचना एवं जनसंपर्क आयुक्त राकेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में कलम का प्रयोग विवेक और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। उन्होंने व्यक्तिगत आरोपों से बचने और AI तकनीक के संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल युग में तकनीक सहायक है, लेकिन सत्य और नैतिकता का स्थान कोई नहीं ले सकता।
सामाजिक मुद्दे और अपराध रिपोर्टिंग आपस में जुड़े: गुलाब बत्रा
वरिष्ठ पत्रकार गुलाब बत्रा ने कहा कि सामाजिक सरोकार और अपराध रिपोर्टिंग एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। इन विषयों पर रिपोर्टिंग करते समय तथ्यों की गहन जांच, भाषा की मर्यादा और जिम्मेदार प्रस्तुति बेहद आवश्यक है, क्योंकि एक गलत रिपोर्ट समाज को भटकाने का काम कर सकती है।
अपराध रोकने में मीडिया की अहम भूमिका: गोपाल शर्मा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक एवं पत्रकार गोपाल शर्मा ने मीडिया की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अखबार और डिजिटल मीडिया अपराध रोकने और जनजागरूकता फैलाने का सबसे मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने एक उदाहरण के माध्यम से बताया कि किस प्रकार गलत पहचान के जरिए समाज को गुमराह करने वालों को कानून ने सबक सिखाया।
पत्रकारों की समस्याओं को लेकर सरकार से संवाद: गोपाल गुप्ता
असमनी राजस्थान के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं को मंच पर रखते हुए सरकार से सम्मान निधि बढ़ाने, यात्रा सुविधा, पत्रकार सुरक्षा कानून और विज्ञापन व्यवस्था में सुधार की मांग की। उन्होंने बताया कि इन मुद्दों को लेकर संगठन की ओर से शासन स्तर पर लगातार संवाद किया जा रहा है।
युवा पत्रकारों में अहंकार नहीं होना चाहिए: हरीश पाराशर
कार्यशाला में पत्रकार हरीश पाराशर और ऐश्वर्या प्रधान ने भी अपने विचार साझा किए। हरीश पाराशर ने पत्रकारों की मांगों का समर्थन करते हुए अपने उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने नए पत्रकारों के लिए सीखने की जरूरत की पैरवी की और कहा कि एक मजबूत पत्रकार ही क्रॉस क्वेश्चन का जवाब दे सकता है। जब तक उसे सभी विषयों का ज्ञान नहीं होगा वो अच्छी पत्रकारिता नहीं कर पाएगा। पाराशर ने कहा कि आज के पत्रकारों में छोटी-छोटी बातों पर ईगो आड़े आ जाता है।
पत्रकारिता तभी सफल हो सकती है जब आपकी पत्रकारिता में सामाजिक सरोकार हो आपकी खबर से किसी का भला हो। हरीश पाराशर ने युवाओं से कहा कि यू ट्यूबर्स और हाथ में माइक लेकर भीड़ में खड़ा होने वाला कोई भी पत्रकार नहीं होता, हां उन्हें मीडियाकर्मी कहा जा सकता है। लेकिन वो पत्रकार नहीं है।
इधर ऐश्वर्य प्रधान ने कहा कि छोटे समाचार पत्रों की खबरें कई बार राष्ट्रीय बहस का कारण बन जाती हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।
फील्ड रिपोर्टिंग के तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर चर्चा
कार्यक्रम में आमंत्रित वक्ताओं ने फील्ड रिपोर्टिंग से जुड़े तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी। पत्रकारों ने खुलकर सवाल पूछे और अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा कीं, जिस पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
पुरातात्विक साक्ष्यों पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन
कार्यशाला के दौरान डीग जिले के बहज क्षेत्र से प्राप्त पुरातात्विक साक्ष्यों पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र का विशेष प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित पत्रकारों ने सराहा। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को कैलेंडर और अन्य सामग्री भी प्रदान की गई।
पत्रकारिता को मजबूत करने में कार्यशालाओं की भूमिका अहम
कार्यक्रम के संयोजक एस.जी. शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की पत्रकारिता कार्यशालाएं मीडिया को अधिक जिम्मेदार, संवेदनशील और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।




