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*नैनी में बंद कारखानों को खोलने की मांग!* *प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी!*

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*नैनी में बंद कारखानों को खोलने की मांग!*

*प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी!*

*नैनी, प्रयागराज /श्री विनय मिश्रा द्वारा साभार प्राप्त*
*इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के भूतपूर्व महामंत्री, शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष5 प्रदीप मिश्रा अंशुमन ने प्रधानमंत्री से नरेंद्र मोदी जी को ज्ञापन भेज कर औद्योगिक क्षेत्र नैनी यमुनापार के बंद कारखानों को फिर से खोले जाने की मांग की है।*
उन्होंने कहा है कि कारखाने बंद होने से नैनी क्षेत्र का विकास हो रुक गया है। लोग बेरोजगार हो गए हैं। जिससे क्षेत्र में गरीबी को बढ़ावा मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को भेजे गए ज्ञापन में प्रदीप मिश्र ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद नैनी, यमुनापार, प्रयागराज क्षेत्र को विकसित करने एवं लोगों को रोजगार दिए जानेके क्षेत्र में साहसिक पहल करते हुए शास्त्री जी ने नैनी को औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया था।

ज्ञापन में कहा गया है कि औद्योगिक क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद नैनी क्षेत्र के 16 गांव के किसानों की बहुमूल्य भूमि सरकार द्वारा अधिग्रहित की गई और यहां पर कारखाने स्थापित किए गए। कई दशक तक यह कारखाने चलते रहे। इन कारखानों की स्थापना होने के बाद नैनी, यमुनापार, प्रयागराज ही नहीं पूरे देश के लोगों को यहां रोजगार मिला। लाखों लोग विभिन्न कंपनियों में काम करने लगे। सरकार द्वारा स्थापित प्रमुख इकाइयों में आईटीआई, टी एस एल, बीपीसी, एनटीसी की स्वदेशी कॉटन मिल जैसी सैकड़ों प्रमुख कंपनियां थी। जहां लाखों लोग काम करते थे। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान नैनी क्षेत्र में छोटे-बड़े कुल मिलाकर लगभग 1000 कारखाने चल रहे थे। बीजेपी सरकार आने के बाद ये कारखाने लगभग बंद हो चुके हैं। पूरा नैनी, प्रयागराज औद्योगिक क्षेत्र वीरान हो गया है। क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ रही है और लोग यहां से पलायन करके दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए जा रहे हैं।

विश्वविद्यालय छात्र संघ के भूतपूर्व महामंत्री श्री प्रदीप मिश्रा अंशुमन ने कहा है कि यदि नैनी क्षेत्र के बंद कारखानों को शीघ्र ही दो माह के भीतर फिर से शुरू नहीं किया गया तो स्थानीय जनता के सहयोग से नैनी के कारखानों को खोले जाने और किसानों को उनकी जमीनों का मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन, आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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