मूल के बस स्थानक की निर्मिति मे जिनका दूर दूर तक कोई योगदान नही वह भी सुधीर मुनगंटीवार के विकास कार्य का श्रेय लेने लगे

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*ये तो पब्लिक है सब जानती है ❓❓❓*

*सुधीर मुनगंटीवार पहले चरणमे जब वित्त , वन , नियोजन मंत्री थे तब उन्होंने चंद्रपुर , बल्लारपुर और मूलके राज्य परिवहन के बस स्थानक के आधुनिकीकरण का काम मंजूर करवाकर तीनो बस स्थानकों के नवीनीकरण का काम शुरू करवाया था !*
*बादमे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सेना , राकांपा और काँग्रेस की महाराष्ट्र मे युति सरकार बनी थी और चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार बने थे तब मूल के बस स्थानक का काम आधा अधूरा छोड दिया गया था !*
*तब प्रवासियों , स्कूल कॉलेज के बाहर गाँव से आनेवाले विद्यार्थियों की परेशानियों की याद किसीको नही आई थी ? बस स्थानक के रुके हुवे कामको शुरू करवाने किसीभी स्थानीय नेताने आवाज तक नही उठाई थी और नाही आंदोलन की कोई चेतावनि तक नही दी थी !*
*इतना ही नही तो सेना- राकाँ- काँग्रेस के इस युति काल मे भी वडेट्टीवार के मंत्रित्व कालमे भी ग्रामीण इलाकोमे जंगली जानवरों शेर , भालू , जंगली सुवरों के हमले नागरिकों पर होते रहते थे लेकिन किसीभी स्थानिक बडेसे बडे नेताको ? तब आंदोलन करनेकी याद तक नही आई थी !*
*लेकिन जैसेही एकनाथ शिंदे – देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार बनी और सुधीर मुनगंटीवार वन , मत्स्य , सांस्कृतिक मंत्री बने और जिले के पालकमंत्री बने यहाँ के ग्रामीण इलाकों के नागरिकों पर जंगली जानवरों के होने वाले हमलों के खिलाफ आवाज उठानेकी आंदोलन करने की चेतावनी देनेकी और इतनाही नही तो बस स्थानक के रुके पड़े कामके लिये बस प्रवासियों , बाहर गाँव से आनेवाले विद्यार्थियों को परिवहन के कर्मचारियोंसे होनेवाली परेशानियों की याद आई !*
*बस स्थानक का काम शुरू करवाने और जंगली जानवरों का बंदोबस्त करने पत्रकार परिषद और ग्रामीणों की मीटिंग लेनेकी नौटंकी प्रसिद्धि माध्यमो में बने रहने के लिये की गई !*
*वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने वन विभाग के कर्मचारियों को ताकीद दी के किसीभी जानवर से प्राणहानी होती है तो तुमपर कार्यवाही की जायेंगी*
*उसी तरहसे मूल के बस स्थानक का रुका पडा काम मुनगंटीवार ने शुरू करवातेही स्थानीय नेताओं की इन कामोका श्रेय लेनेकी और अख़बरोंके सुर्खियोंमे अपने नाम छपवाने की होड़ मच गई !?*
*मूल की जागृत जनता इन बातोंसे अनभिज्ञ नही है और उनकी याददाश्त इतनी कमजोर नही है वह सब जानती है के लाखोंका दाल घोटाला कब हुवा था ?*
*इतनाही नही तो मूल के रोड , नालियाँ सिर्फ पेपरों पर दर्शाकर लाखों रुपयों का चूना कब लगाया गया था ?और बंदरबांट में कौन भागीदार थे ?*
*बैल बंडी को तो बैल खिंचते है लेकिन बंडी के नीचे चलनेवाला❌❌ समझता है के बंडी वही खिंच रहा है !*