*“मुख्यमंत्री की विधानसभा में ही अगर आम आदमी सुरक्षित नहीं, तो आखिर न्याय कहां मिले?”* — *सांगानेर में व्यापारी आमरण अनशन पर, उपायुक्त डॉ. रवि गोयल पर गंभीर आरोप*
*पीड़ित का दावा — पैसे नहीं देने पर थमाया गलत नोटिस, “जो घूस दे देता है उसका मामला दबा दिया जाता है”; कोर्ट वारंट और भ्रष्टाचार के दस्तावेज होने का भी किया दावा*
*जयपुर/ आशा पटेल* *राजधानी जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में एक व्यापारी द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली, कथित भ्रष्टाचार और नगर निगम अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर बड़ा सवाल बनता जा रहा है। तहसील सांगानेर के सामने चल रहे इस अनशन में पीड़ित मनोज कुमार टेलानी ने सांगानेर नगर निगम उपायुक्त डॉ. रवि गोयल पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।*

पीड़ित मनोज कुमार टेलानी का कहना है कि उनका मकान बगरेटो का चौक, कस्बा सांगानेर, तहसील सांगानेर, जिला जयपुर में स्थित है। उन्होंने 16 फरवरी 2025 को अपनी जर्जर हवेली को तोड़ने की अनुमति के लिए आवेदन किया था। इसके बाद 17 मार्च को ग्रीन फाइल स्वीकृति हेतु आवश्यक प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई थी। लेकिन कार्रवाई करने के बजाय नगर निगम द्वारा उन्हें 1 अप्रैल को 40 बाय 45 के निर्माण संबंधी नोटिस जारी कर दिया गया।
मनोज कुमार टेलानी का आरोप है कि उनकी हवेली की वास्तविक रजिस्ट्री मात्र 9 बाय 45 की है, फिर भी उन्हें पूरे 40 बाय 45 भवन का मालिक दर्शाकर नोटिस थमा दिया गया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई जानबूझकर दबाव बनाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से की गई।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि उपायुक्त डॉ. रवि गोयल द्वारा उनसे पैसों की मांग की गई थी। उनका दावा है कि जब उन्होंने कथित रूप से पैसे देने से इनकार कर दिया तो उन्हें गलत नोटिस देकर परेशान किया जाने लगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई लोगों के साथ इसी प्रकार की कार्रवाई की जाती है और बाद में कथित रूप से लेन-देन होने पर मामलों को दबा दिया जाता है।
मनोज कुमार टेलानी ने यह भी आरोप लगाया कि उपायुक्त डॉ. रवि गोयल के खिलाफ कोर्ट का वारंट भी जारी हो चुका है और इस संबंध में उनके पास कई दस्तावेज मौजूद हैं। पीड़ित का कहना है कि उनके पास ऐसे प्रमाण हैं जो पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने और लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त हैं।

पीड़ित ने और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उपायुक्त डॉ. रवि गोयल कथित रूप से कुछ विपक्ष से जुड़े लोगों के साथ मिलकर क्षेत्र में माहौल खराब कर रहे हैं तथा बीजेपी कार्यकर्ताओं और मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि जो लोग अधिकारियों से मिलकर पैसे दे देते हैं, उनके नोटिस वापस ले लिए जाते हैं, जबकि आम लोगों को लगातार नोटिसों और कार्रवाई के नाम पर परेशान किया जाता है।
आमरण अनशन पर बैठे मनोज कुमार टेलानी ने भावुक होते हुए कहा, “हम मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं, लेकिन फिर भी इस हद तक परेशान हो गए कि आत्महत्या करने जैसा मन होने लगा। अगर मुख्यमंत्री की विधानसभा में ही आम आदमी को न्याय नहीं मिलेगा, तो आखिर वह अपनी पीड़ा लेकर कहां जाएगा?”

तहसील सांगानेर के सामने चल रहे इस अनशन को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं। लगातार स्थानीय लोग और व्यापारी मौके पर पहुंचकर पीड़ित का समर्थन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए, कथित भ्रष्टाचार की जांच की जाए तथा आम जनता को नोटिसों और प्रशासनिक दबाव के नाम पर परेशान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।





