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शहर में पढ़ाई के लिए भेजकर कड़ी मेहनत से अपने बच्चों को उत्तम शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने वाले माता-पिता के श्रम का मूल्य छात्र किस प्रकार चुका सकते हैं—इस पर विचार करते हुए, छात्रावास में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर एक उत्तम अधिकारी एवं सुसंस्कृत नागरिक बनकर अपने लक्ष्य की प्राप्ति करनी चाहिए। ऐसे विचार उद्घाटक के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए पुलिस निरीक्षक विजय राठोड ने व्यक्त किए।

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शहर में पढ़ाई के लिए भेजकर कड़ी मेहनत से अपने बच्चों को उत्तम शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने वाले माता-पिता के श्रम का मूल्य छात्र किस प्रकार चुका सकते हैं—इस पर विचार करते हुए, छात्रावास में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर एक उत्तम अधिकारी एवं सुसंस्कृत नागरिक बनकर अपने लक्ष्य की प्राप्ति करनी चाहिए। ऐसे विचार उद्घाटक के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए पुलिस निरीक्षक विजय राठोड ने व्यक्त किए।

आदिवासी बालक एवं बालिका छात्रावास में सांस्कृतिक स्नेह-सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुप्त प्रतिभाओं को अवसर देना, उनके भीतर मौजूद कलाओं को प्रदर्शित करना तथा विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना था। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में छात्रावास अधीक्षक प्रशांत फरकाडे तथा बालिका छात्रावास अधीक्षिका कु. संगीता गजभिये द्वारा यह उपक्रम आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत 4-2-2026 से 6-2-2026 तक विभिन्न मैदानी खेल, सामूहिक खेल, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अवसर पर आयोजित प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण, स्नेह-सम्मेलन का समापन तथा अभिभावक सम्मेलन भी आयोजित किया गया, ताकि अभिभावक यह देख सकें कि उनके पाल्य ने किन-किन क्षेत्रों में भाग लेकर नाम अर्जित किया है।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस निरीक्षक विजय राठोड द्वारा किया गया। कार्यक्रम साहित्यकार प्रब्रह्मानंद मडावी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। पुलिस उपनिरीक्षक आत्राम, नगरसेवक अशोक येरमे, हिरालाल भडके, शंकर दडमल सर, सालवे मैडम, प्रशांत फरकाडे सर एवं कु. संगीता गजभिये मैडम प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे। छात्रावास के मुख्य द्वार से मंच तक पारंपरिक आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया। महापुरुषों की प्रतिमा का पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

अतिथियों ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन करते हुए बताया कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों का आचरण कैसा होना चाहिए, उन्हें क्या-क्या करना चाहिए, किस प्रकार व्यवहार करना चाहिए तथा माता-पिता के परिश्रम का मूल्य किस तरह चुकाया जा सकता है। विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति-चिह्न एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एक से बढ़कर एक सुंदर गोंडी नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया गया।

कार्यक्रम की प्रस्तावना छात्रावास अधीक्षक फरकाडे ने की, जबकि उपस्थितों के प्रति आभार कु. गजभिये मैडम ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।