परशुराम जयंती समारोह: ब्राह्मण शिरोमणि रत्न से सम्मानित किए गए संजय पाठक !

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दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण, वेद मंत्रों से हुआ भगवान परशुराम का अभिषेक
परशुराम जयंती समारोह में दीप प्रज्वलन के पश्चात लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता मंच के अध्यक्ष पंडित संजय पाठक एवं अन्य लोग !

नैनी, प्रयागराज।
नैनी एडीए कालोनी स्थित बिशप कॉन्वेंट स्कूल में परशुराम जयंती समारोह का आयोजन किया गया।
परशुराम जयंती अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर अखिल भारतीय सनातन परिषद एवं राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता मंच द्वारा बृहद स्तर पर सामाजिक कार्य करने वाले शिक्षाविद पंडित संजय पाठक जी को ‘ब्राह्मण शिरोमणि रत्न’ से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संत समाज के साथ ब्राह्मण समाज एवं स्कूल के छात्र-छात्राएं उपस्थित हुए। कार्यक्रम का आरंभ आचार्य लोकेश तिवारी के सानिध्य में उपस्थित कर्मकांडी ब्राह्मण आचार्य मनीष तिवारी, विपिन तिवारी, आचार्य त्रिजुगी नारायण त्रिपाठी, पंडित आचार्य हरिओम पांडे पूजा अर्चना की।भगवान श्री परशुराम को माल्यार्पण दीप प्रज्वलित कर वेद मंत्र उच्चारण के साथ ब्राह्मण समाज के सम्मानित लोगों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।
राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता मंच द्वारा परशुराम जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष ब्राह्मण शिरोमणि रत्न सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई। शिक्षाविद पं संजय पाठक को ब्राह्मण समाज शिरोमणि रत्न से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आचार्य शिरोमणि लोकेश तिवारी ने कहा कि परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार थे। हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को भगवान परशुराम जयंती मनाई जाती है। इस दिन उनकी उपासना करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। वह विष्णु के अवतार एवं शिव के परम भक्त थे।
पंडित संजय पाठक- राष्ट्रीय संगठन मंत्री अखिल भारतीय सनातन परिषद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्राह्मण एकता मंच ने कहा की भगवान परशुराम अत्याचार-अन्याय के विरोधी थे। हमें उनके बताएं मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विनय मिश्र, पंडित संदीप पांडे, मनोरमा शुक्ला, दीप्ति मिश्रा, प्रधानाचार्य रुचि मिश्रा, प्रतिभा पांडे, खुशी द्विवेदी, हर्ष मिश्रा, रिंकी तिवारी, सचिन दुबे, हर्षित पाठक, सोनल पाठक, अजीत पाठक, अलका पाठक, नित्यानंद उपाध्याय, छाया शर्मा, रेनू चट्टोपाध्याय, दीपक मिश्र आदि लोग उपस्थित रहे। यज्ञ, हवन, प्रसाद वितरण के पश्चात सभी ने भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें कोटि-कोटि प्रणाम किया।