चुनाव की घोषणा से मालिकाना अधिकार आंदोलन हुआ तेज! 15 अप्रैल से अनिश्चितकालीन अनशन, धरना, प्रदर्शन!

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नैनी, प्रयागराज। केंद्र सरकार के आदेशानुसार अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश की औद्योगिक श्रमिक बस्तियों का मालिकाना अधिकार दिए जाने की मांग को लेकर श्रमिक बस्ती,नैनी के निवासियों द्वारा चलाया जा रहा आंदोलन लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही और तेज हो गया है।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मांगे पूरी नहीं हुई तो आगामी 15 अप्रैल 2024 से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन, धरना, प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। पिछले 7 महीने से चलाए जा रहे मालिकाना अधिकार आंदोलन के तहत श्रमिक बस्ती समिति के तत्वावधान में आज श्रमिक बस्ती के निवासियों ने मानस पार्क में धरना दिया। नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के माध्यम से यूपी सरकार श्रम विभाग के खिलाफ लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया।
मालिकाना अधिकार आंदोलन के संयोजक, श्रमिक बस्ती समिति के महासचिव विनय मिश्र ने धरना स्थल पर प्रदर्शनकरियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश श्रम विभाग इस समस्या को पिछले 43 वर्षों से लटकाए हुए हैं। उत्तर प्रदेश की जनता प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जानना चाहती है कि जब केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार अन्य राज्यों ने इन बस्तियों का मालिकाना अधिकार उसमें रहने वालों को दे दिया, तो उत्तर प्रदेश सरकार को मालिकाना अधिकार दिए जाने में क्या आपत्ति है? श्री मिश्र ने श्रमिक कॉलोनी के मकानो की 1995 में शुरु की गई बिक्री प्रक्रिया के अनुसार मालिकाना हक दिए जाने की मांग की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद ने की।सर्वश्री शंकर लाल त्रिपाठी, दया शंकर शुक्ल, मोहम्मद शाहिद, मो साबिर,उमानन्द मिश्र, राघवेंद्र सिंह, अजमत हुसैन,अमित श्रीवास्तव, भूपेंद्र राय, जगबरन सिंह, मनीष तिवारी, विनीत कुमार दुबे, श्रीमती अरुणा पांडे, सत्येंद्र यादव,अनीश कुशवाहा, राजेश, विजय, पिंटू जायसवाल आदि निवासी जन उपस्थित रहे।