छत्रपति शिवाजी महाराज के आज १९ फरवरी के जन्मदिन के जन्मोत्सव की समस्त भारतवासियों को हार्दिक बधाई ????

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शिवाजी महाराज का जन्म पुणे जिले के जुन्नर मे स्थित शिवनेरी किल्ले मे हुवा था !
शिवाजी महाराज ने अन्यायी , अत्याचारियों , जालिमों के खिलाफ जंगे लढी थी ! अवसरवादी जातीयवादी राजनेता वोटों की राजनीति के चलते शिवाजी महाराज की लडाईयों , संघर्षों को जातीयवादी मुखौटा पहनाकर हिंदू -मुस्लिम युद्ध बतलाकर इन दोनों जाती धर्मों में टेढ कडुवाहट बनी रहे यह खेल खेलते हैं !
जबके सच्चाई कुछ औरहि है ! छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना ( फौज ) मे कई मुस्लिम सेनानी सरदार थे ! इतनाही नही तो शिवाजी महाराज की सेना के मुस्लिम सैनिको सरदारों को नमाज पढने के लिये शिवनेरी किल्ले में जहाँ शिवाजी महाराज का जनम हुवा था उसी के सामने एक मस्जिद शिवाजी महाराज ने बनवा दी थी ,जिसका नाम कमानी मस्जिद है ! यह मस्जिद शिवनेरी किलेमे आजभी शानसे खडी है !
इतना ही नही तो शिवनेरी किलेमे जानेके लिये जो दरवाजे ( गेट ) बनाये गये है उसमेंसे एक गेट का नाम पीर दरवाजा है ! मुस्लिमो के संत पीर के नामपर वह दरवाजा और उसपर लगी हुई पीर दरवाजा लिखी हुईं तख्ती ( नेमप्लेट ) आजभी जाकर देख सकते हो !
शिवाजी महाराज ने अफजलखान का बाघनख ( शेर के नाखूनों से बना हथियार ) वध किया था ! उसी बाघनख को लाने महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य , वने ( Forest Minister ) मंत्री माननीय सुधीरजी मुनगंटीवार लंदन म्युझियम तक गये थे !
यह बाघनख छत्रपति शिवाजी महाराज को जिसने बनाकर दिये थे वहभी मुसलमान ही था ! उसीने छत्रपति शिवाजी महाराज से कहा था “महाराज अफजलखान दगाबाज इंसान है वह आपसे मिलते वक्त कोईभी चाल चलकर आपपर जानलेवा हमला कर सकता है ! इसलिये उसके साथ मुलाकात लेते समय यह बाघनख हातों के पंजेमे पहने रहिये बचावमे काम आयेंगे !
शिवाजी महाराजने उन बाघनखों को अपने हातों के पंजों मे छुपाये रखे थे ! जब शातिर अफजलखान ने शिवाजी महाराज से गले मिलनेका ड्रामा किया और महाराज की पीठमे ख़ंजर मारनेकी चाल चली थी तब महाराजने अफजलखान के पेटसे उन्हीं बाघनखोसे उसकी अतडिया निकाल कर उसका वध कर दिया था !
अफजलखान की जो कबर बनी है वहभी कई दिनोंतक उस जालिम की लाश वहीँ पडी रहनेपर जिजामाता ने शिवाजी महाराज से कहा के इसकी कबर बनवा दी जाये ताके आनेवाली पिढियाँ सालोंतक इस घटना को याद रखेंगी के कैसे अफजलखान ने गले मिलनेके बहाने से पीठमे धोकेसे खंजर मारनेकी चाल चली थी ! इस तरहसे उस जालिम दरिंदे की कबर वहीं बनाई गई थी !
उसी तरहसे छत्रपति शिवाजी महाराज को औरंगजेब ने जब लाल किलेमे शातिराना ढंगसे कैद कर दिया था ! तब मदारी मेहतर नामके मुसलमान ने महाराज को बडेसे बक्सेमे छुपाकर आगरा के किलेकी क़ैदसे निकाला था !
छत्रपति शिवाजी महाराज की लडाईयां ,उनका संघर्ष हिंदू -मुस्लिम लडाई नही थी बल्के जालिमो – अत्याचारियों के खिलाफ न्याय की लढाईयाँ थी !
लेकिन कुछ अवसरवादी मतलबपरस्त कथित नेता इसेभी हिंदू – मुसलमानों के खिलाफ लड़ाने का हत्यार के तौरपर प्रचारित करते है !
” छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मोत्सव की आप सभीको लख लख बधाइयाँ ” ??????
शिवनेरी किला पुणे जिलेके जिस जुन्नर शहर में स्थित है वहाँ पर आजभी शिवाजी महाराज के समयकी परंपरा सभी जातिधर्मो मे चली आ रही है ! आजतक इस जुन्नर में कभी भी जातीय तनाव दंगे नही हुवे ! सभी जाति धर्मोंके तीज त्योहारों में सब आपसी भाईचारे से शामिल होते हैं !
धन्य है छत्रपति शिवाजी महाराज के पावन चरनस्पर्शों से पवित्र पाकसाफ हुई जुन्नर की इस धरती को भी ( छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मोत्सव की बधाईयों के साथ ही ) नमन है !
मेरा भी यह अहोभाग्य है कि शिवरायां छत्रपति शिवाजी महाराज की इस जन्मस्थली मे मेरा भी जन्म हुवा ???!*✍? अशरफ भाई मिस्त्री*
*मोबाईल + 91 94228 37787*