श्रमिक कॉलोनियों के मालिकाना हक की समस्या के निस्तारण की मांग!

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नैनी, प्रयागराज।
उत्तर प्रदेश श्रम विभाग की लापरवाही के चलते पिछले 43 वर्षों से लंबित श्रमिक कॉलोनियों के आवासो का मालिकाना हक दिए जाने की समस्या के निस्तारण की मांग को लेकर धरना दिया गया।
श्रमिक बस्ती समिति, नैनी, प्रयागराज के तत्वावधान में चलाए जा रहे मालिकाना हक आंदोलन के तहत श्रमिक बस्ती, नैनी में धरना दे रहे कॉलोनी के निवासियों ने कहा कि 5 वर्ष पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने श्रम आयुक्त कानपुर, उत्तर प्रदेश को श्रमिक कॉलोनी के आवासों का मालिकाना अधिकार दिए जाने के लिए कार्य योजना तैयार करने को कहा था।
पांच वर्ष बीत गए। आज तक कार्य योजना नहीं तैयार हुई । जिससे यह समस्या अभी भी लंबित है।
श्रमिक बस्ती समिति के सचिव विनय मिश्र ने कहा कि श्रमिक बस्ती के आवासों में रहने वाले निवासियों को उनके आवासों का मालिकाना हक दिए जाने हेतु केंद्र सरकार ने 1978 में राजाज्ञा जारी की थी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में श्रमिक बस्ती के मकानो की बिक्री प्रक्रिया भी शुरू हुई। लेकिन वर्तमान समय में अनिश्चय की स्थिति है।
वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ लोगों को नए आवास और मकान बनाकर दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पिछले 70 वर्षों से कालोनी के कमरों में रह रहे लोगों को मालिकाना हक दिए जाने की मांग को देखकर धरना प्रदर्शन आंदोलन करना पड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार को अन्य राज्यों की तरह केंद्र सरकार की राजआज्ञा का पालन करते हुए श्रमिक कालोनियों नैनी के आवासों का मलिकाना अधिकार तत्काल दिया जाए।
धरना स्थल पर निर्णय लिया गया कि जब तक मालिकाना हक नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में श्रमिक बस्ती समिति के सचिव विनय मिश्र, श्री शंकर लाल त्रिपाठी, नंदकिशोर मिश्र कन्हैया,अमरचंद शर्मा, उमानन्द मिश्र, सभाजीत यादव, अजमत हुसैन, राघवेंद्र सिंह गवर्नर, श्रीमती अरुणा पांडे, ओमप्रकाश तिवारी गेंदु, जगबरन सिंह, प्रभु दयाल, भूपेंद्र राय गुड्डू राय, लक्ष्मी नारायण गोपाल जी, सुनील त्रिपाठी, आत्मानंद श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित थे।