मूल शहर से हर दिन नागपुर -गडचिरोली -ब्रम्हपुरी -चंद्रपुर-चिमूर के लियेपचासों ट्रैव्हल्स बसेस मूल स्थित राज्य परिवहन के बस अड्डे के सामने ही खड़ी रखकर पैसेंजरों को आवाजे लगाकर प्रवासी भरे जाते हैं और बसेस फूल भरकर दौडाई जाती है !

75


*बतलाया जाता है के इन बसोंके जो परमिट है वह कॉंट्रेक्ट बेसिक पर है , जैसेके शादी ब्याह के लिये या तीर्थाटन के लिये या किसी कार्यक्रमो के लिये पूरी गाड़ी बुकिंग पर दी जा सकती है ❗इन्हें हर गाँव से प्रवासी यात्री लेनेका परमिट नही है ! फिरभी यह ट्रेव्हल्स वाले अवैध प्रवासी भरकर हर शहर ,गाँव मे जगह जगह बस बीच रास्तोमे रोककर साइट भरते हैं और गाड़ियाँ बेफाम दौड़ाते है !मूल में सीधे राज्य परिवहन के बस अड्डेके मेन गेटके ही सामने बस खड़ी रखकर आवाजे लगाकर सवारियाँ भरी जाती है और यह सब मूल के ट्रैफिक पुलिस स्टॉफ वालोंकी मौजूदगिमे और राज्य परिवहन के स्थानीय अधिकारी के सामने हर दिन सबेरे से देर रात तक चलता है ⁉️लेकिन ट्रैफिक पुलिसवालोंकी और एस टी बस स्थानक वालोंकी इस अवैध ट्रेव्हल्स वालोंपर विशेष महेरबानी जाँच का विषय है ❓*
*जबके बस स्थानक से और राज्यमार्ग से करीब 200 ( दो सौ ) मीटर की दूरीपर शराब दुकान को लाइसेंस देनेका नियम होनेके बावजूद भी बिल्कुल इस बस स्थानक के ठीक सामने कंदील बार को दुकान चलाने का परमिट कैसे दिया गया यह भी आश्चर्य चकित करने वाली बात है ❓* * *ठीक उसी तरहसे इसी मेन रोडपर एक मकानमे बस स्थानक के पास ही चंद्रपुर और आसपास के शहरों और गाँवोंसे अय्याश लोग आशिक मिजाज टूव्हीलरों -फोर व्हीलरो से लड़कियों को हर दिन मूल लाते हैं और घँटे दो घँटे अय्याशियाँ करके चलते बनते हैं !सिर्फ घँटे आधे घँटे ,दो घँटे का मकानवाले को हजार -पन्द्रह सौ रुपया के हिसाबसे दिनभरमे पच्चीस तीस हजार की कमाई हो जाती है ! यहअय्याशोंकी पनाहगाह शहरभर मे मशहूर होनेके बावजूद मूल पुलिस डी बी स्कॉड का हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना समझसे परे है ?*
*उसी तरहसे मूल तहसील के हल्दी नामक गाँव से बोरचंदली रोडपर हर रविवार को खेतमे लाखोंका जुवा अड्डा भरता है यह अड्डा तातोबा का जुआघर के नामसे पूरे चंद्रपुर -गडचिरोली जिलेके जुआ शौकीनों में मशहूर है ! यहां पर हर रविवार को टूव्हीलरों फोर व्हीलरो की भीड़ रहती है और मूल , नांदगांव , चिचपल्ली, चिरोली , सावली , गडचिरोली से तक जुवारी आते हैं और लाखोंका जुआ चलता है !जुआरियों के लिए पूरा बकरा काटा जाता है मटन और देसी -वीदेशी शराब का भी भरपूर इंतजाम रखा जाता है ! चायना का मांजा एक दुकान में पकड़नेवाले और एक मुर्गा बाजार पकड़कर वाहवाही लूटने समाचार छपवाने वाले मूल के डी बी स्कॉड को इतने बड़े अड्डे पकड़ने फुर्सत ही कहाँ मिल सकती है !मामला गडबड है ?*
*मूल मे सट्टाकिंग सोहेल -अतुल -मिलिंद का सट्टा कारोबार लाखोंका हर दिन सरेआम चल रहा है ❗इन सट्टाकिंगों ने लाखोंकी चल अचल संपत्ति कई शहरोंमें बना ली है ❗ लेकिन आजतक मूल पुलिस डी बी स्कॉड हो या पुलिस अधिकारी हो किसीने भी इन सट्टाकिंगों के साम्राज्य मे सेंघ नही लगाई ❗ ना तो तत्कालीन अधिकारियोंने और नाही विद्यमान अधिकारी ने ❓आखिर इसकी क्या वजह हो सकती है ⁉️ समझदार को इशारा काफी है ❗इन सटोरियों के गुर्गों को भी ब्लॉक नही किया गया लेकिन इसके विपरित इनके कारनामे उजागर करनेवालोंके व्हाट्सऐप नंबर जरूर ब्लॉक कर दिये जाते हैं ❗*
*जिन शहरोंमेंआसपास के गांवोंमें लायसेंसी देसी -विदेशी शराब दुकाने बियर शॉपी नही है वहांभी सरेआम शराब शौकीनों को अवैध शराब के बक्से हर दिन पहोचाये जाते हैं ?*
*अवैध गुटका प्रतिबंधित मीठी सुपारी तंबाकू , माज़ा सब पूरी तहसील में पोंभुर्णा से मूल -फिस्कुटी , हळदी , भेजगांव , मारोडा , चिरोली तक कई गांवों तक सरेआम बेचा जा रहा है ! लेकिन जानकर भी अंजान बने बैठे हैं क्योंके इन सभी गैरकानूनी धंदो की ब्डॉक्ट ही जेबे गर्म हो रही है करलो दुनिया मुट्ठी में ! ऐसे करनामोके चलते ही तो किसी पुलिस अधिकारी का रिसोर्ट बन रहा है तो हम भी कुछ कम नही शायद यही स्पर्धा चली है ?*
*मूल परिसर में सभी दो नंबरीयों के सभी कारोबार बेरोकटोक जारी है*
*क्या महाराष्ट्र के गृहमंत्री श्री देवेंद्रजी फडणवीस और जिलेके पालकमंत्री श्री सुधीरजी मुनगंटीवार इन जानलेवा अवैध कारोबार पर रोक लगायेंगे और भृष्टाचारीयों के खिलाफ उचित कार्यवाही करेंगे ???*