लाखोंकी लागत से बनाया जा रहा निर्माणाधीन नाला एक ही बारिश में ध्वस्त! नगरपरिषद का गडबडझाला?

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कारंजा (लाड़): *[असलम मामदानी द्वारा ]*
कारंजा नगरपरिषद अंतर्गत स्थानीय के.एन. कॉलेज से नागपुर-औरंगाबाद महामार्ग पर 87 लाख रुपये की लागत से नाला निर्माण कार्य शुरु है, लेकिन निर्माणाधीन नाले के काम की क्वालिटी इतनी घटिया है कि 5 अक्तूबर को देर रात आई बारिश से फातेमा मदरसा के सामने की नवनिर्मित नाले की दीवार धराशायी हो गई जिससे ठेकेदार के निर्माण कार्य की कलई खुल गई है तथा काम की गुणवत्ता पर प्रश्न चिह्न लग चुका है. नाला निर्माण करते समय नगर पालिका प्रशासन द्वारा अतिक्रमण धारकों को अभय दिये जाने से भी नागरिकों में रोष दिखाई दे रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगरपरिषद कारंजा द्वारा के.एन. कॉलेज से नागपुर औरंगाबाद महामार्ग पर सीमेंट कांक्रीट का नाला निर्माण कार्य गत माह से शुरू है. बजट में स्वामियों के चलते यह काम कुछ दिन बंद था अब यह काम दुबारा शुरू किया गया लेकिन ठेकेदार ने बहुत ही घटिया दर्जे का काम किया है जिससे पहले बनाई गई नाले की दीवारें जिसमें लोहे की कमजोर सलाखों का उपयोग किया गया था, 5 अक्तूबर की रात आई बारिश से धराशायी हो गई. शहर के 35 प्रतिशत बस्तियों का पानी इसी नाले से बहकर शहर से बाहर जाता है. बरसात में नालियों का पानी जगह जगह ब्लॉक हो जाता था. इसलिए नगर परिषद ने बड़ा नाला बनाने के लिए सीमेंट कांक्रीट के मजबूत बड़े नाले के लिए 87 लाख खर्च करने का फैसला करते हुए निविदा के अनुसार यह काम ठेकेदार को दिया गया. परन्तु ठेकेदार ने अपनी मर्जी व सुविधा के अनुसार बेहद घटिया दर्जे का काम किया. नतीजतन बारिश के एक पानी से नाले की दीवारें धराशायी हो गई. नाले के रास्ते पर लोगों का अतिक्रमण होते हुए भी नगर पालिका अभियंता को विश्वास में न लेते हुए नाले की दिशा बदलकर अतिक्रमण धारकों को अभय देने से भी लोगों में रोष दिखाई दे रहा है. इसके अलावा इतना घटिया दर्जे का काम शुरू होते हुए भी नगरपरिषद प्रशासन क्या कर रहा है? इसको लेकर अनेक सवाल उठाये जा रहे हैं.