कारंजा नप उर्दू जूनियर कॉलेज में 26 वर्षों से अध्यापकों की नियुक्ति नहीं।

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संवाददाता / कारंजा
कारंजा नगर परिषद द्वारा संचालित स्थानीय मुलजीजेठा नगर परिषद् उर्दू हाईस्कूल व आर्ट उर्दू जुनियर कालेज में शिक्षकों के अभाव में छात्रों के शैक्षिक नुकसान का नजारा देखने को मिल रहा है। ऐसे में यहां के अभिभावकों की अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। लेकिन इस बात को लेकर स्थानीय नगर परिषद प्रशासन समेत जिला प्रशासन की उदासीनता समझ से परे है।

आज से लगभग 32 वर्ष पूर्व मुलजीजेठा नगर परिषद हाईस्कूल कारंजा में विज्ञान जुनियर कालेज शुरु किया गया था तथा बाद में विज्ञान कालेज बंद कर आर्ट जुनियर कालेज की शुरुआत की गई। इस आर्ट जुनियर कालेज को शैक्षिक वर्ष 2007 में शतप्रतिशत सरकारी अनुदान मिलने के साथही इस जूनियर कालेज में पढ़ाने के लिए 3 अध्यापकों को मान्यता भी मिली । लेकिन कारंजा नगर परिषद की लचर कार्यप्रणाली के चलते जुनियर कालेज 15 वर्षों से अनुदानित होते हुए भी अब तक यहां अध्यापकों की नियुक्ति न होने से छात्रों का शैक्षिक नुकसान हो रहा है। अध्यापकों के अभाव में इसी शाला की कक्षा 10वीं तक पढ़ानेवाले अध्यापक ही अधिक समय देकर जुनियर कालेज के विद्यार्थियों कों पढ़ा रहे है। ऐसे में अभिभावक जुनियर कालेज में फुलटाइम अध्यापक नियुक्त कर छात्रों को न्याय देने की मांग कर रहे है।

इसी प्रकार मुलजीजेठा नगर परिषद उर्दू शाला कारंजा में शिक्षा विभाग के अनुसार मान्यता प्राप्त 25 अध्यापकों की आवश्यकता है, लेकिन इस शाला में केवल 16 अध्यापक ही कार्यरत होने की जानकारी है । यानी हाईस्कूल में 9 अध्यापकों की जगह खाली है । वही छात्रों की संख्या जरुरत से ज़्यादा है । 25 -अध्यापकों के स्थान पर केवल 16 अध्यापक ही शैक्षिक
कार्य को किस प्रकार अंजाम देते है, यह संशोधन का विषय है । इस शाला और जुनियर कालेज में कुल मिलाकर 28 अध्यापकों की आवश्यकता है । नगर परिषद प्रशासन से इस ओर ध्यान देकर 12 अध्यापकों के रिक्त पद तुरंत भरते हुए छात्रों को न्याय देने की मांग अभिभावक कर रहे है। इसके अलावा शाला में 3 क्लर्क की जरुरत है लेकिन फिलहाल यहां एक भी क्लर्क न होने से प्रधानाध्यापक और अध्यापकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी समेत जिल के शिक्षाधिकारी और मुख्याधिकारी से इस ओर ध्यान देकर अध्यापकों की नियुक्ति किए जाने की मांग की जा रही है।