भारतीय संविधान में बोलने की आज़ादी है भौंकने की नहीं‼️

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_*टी वी चैनल्स! कुत्तों के भौंकने वाले जन्मजात अधिकारों का कर रहे हैं हनन!*_?

_*अपनी टी आर पी बढाने के लिए ,डिबेट करवा कर, समाज में फैला रहे हैं ज़हर!*_?

_*डिबेट पर तत्काल सरकार लगाए प्रतिबंध!*_?‍♂️

*✒️सुरेन्द्र चतुर्वेदीजी की बेबाक कलमसे साभार प्राप्त*
*✍️ INDIANEWS 24 live द्वारा साभार प्राप्त*

*भाजपा की प्रवक्ता नूपुर शर्मा के वक्तव्य पर, पूरे विश्व का मुस्लिम समाज तीखी प्रतिक्रिया दे रहा है। भारत सरकार ने विवादास्पद बयान देने वाली नूपुर को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। मामला फिर भी थम नहीं रह। तूल पकड़ता ही जा रहा है ।कई इस्लामी मुल्क़ इस तरह से प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं जैसे भारत ने उनके सम्मान में गुस्ताखी कर दी हो ।इस तरह की प्रतिक्रिया को जायज़ नहीं माना जा सकता!*?
*दोस्तों !! किसी भी मज़हब के पैगंबरों , महापुरुषों या अवतारों के विरुद्ध ओछी भाषा के प्रयोग को मैं जायज़ नहीं मानता ।मैं क्या देश का कोई भी नागरिक इसे वाजिब नहीं कहता।*❌
*पूरा भारत नूपुर शर्मा के बयान को मूर्खतापूर्ण और बेहूदा बयान मानकर उसकी निंदा कर रहा है ।ऐसे में दुनिया भर के इस्लामी मुल्क़ों को भी देश के एक मामूली नागरिक के बयान को इतनी तवज़्ज़ो नहीं देनी चाहिए।?*
*मैं यहां याद दिला दूं कि मुस्लिम समाज के ही लेखक सलमान रुश्दी ने अपनी पुस्तक “द सैटेनिक वर्सेज” यानी “शैतान की आयतें ” में इस्लामी अवतारों और पैगंबरों को शैतान की संज्ञा दी थी। तब भी यही विवाद उठा था ।*?
*दुख की बात तो यह है कि भारत में रहने वाले मुस्लिम भाई भी बिना सोचे समझे जो जी में आए बोल रहे हैं ।बोले जा रहे हैं। मेरे पास कई वीडियो हैं जिनमें राजस्थान के ही मुस्लिम भाई भाषा का संयम खो कर इतनी ज़हरीली ज़ुबान बोल रहे हैं, जिनसे लग रहा है कि वे नूपुर शर्मा को काफी पीछे छोड़ चुके हैं। बूंदी का एक वीडियो इसका उदाहरण माना जा सकता है।*?‍♂️
*मैं उदारवादी पत्रकार हूँ।मज़हबी एकता को बनाए रखने की वक़ालत करता रहा हूँ।मेरे लिए हर मज़हब के देवी देवता !पैगंबर! अवतार ! सम्माननीय हैं!*?
*मैं कट्टरता वादी सोच के विरुद्ध हूँ! चाहे वह किसी भी राजनीतिक पार्टी का हो या किसी भी अन्य मानसिकता का !*?‍♂️
*भारतीय संविधान में बोलने की आज़ादी है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है।…. मगर भौंकने का अधिकार संविधान नहीं देता ।अब चाहे वो किसी भी मज़हब का तुर्रमखां हो !*?
*पिछले लंबे समय से भारत में बोलने की जगह भौंकने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन लोगों की तुलना मैं गली के उन आवारा कुत्तों से करता हूं जो किसी की भी पिंडली नोंचने के लिए भौंकना शुरू कर देते हैं।यूँ भी कुत्तों को ही भौंकने का जन्मसिद्ध अधिकार है। लोग कुत्तों के मूलभूत अधिकारों का हनन कर रहे हैं ।*?
*मैंने कल अजमेर के अनुभवी पत्रकार ओम माथुर का छोटा सा ब्लॉग पढ़ा। पढ़कर अच्छा लगा कि मेरा छोटा भाई मेरे ही अंदाज़ में सोच रहा है। ओम माथुर ने भौंकने वाले कुत्तों पर अंकुश लगाने की बात कहते हुए तत्काल देश के सभी टीवी चैनलस पर होने वाली डिबेट बंद करने का सुझाव दिया।*?
*माथुर का ब्लॉग यहां प्रस्तुत कर रहा हूं ।?*

_*””टीवी चैनलों पर 7 दिन डिबेट पर रोक लगा दी जाए, तो देश का माहौल सांप्रदायिक सौहार्द में बदल जाए। टीवी एंकर लगता है सिर्फ अपने चैनल की टीआरपी बढ़ाने के लिए ऐसे सवाल पूछते हैं कि डिबेट में भाग लेने वाले भड़काऊ बयान देते हैं और फिर माहौल बिगड़ता है। इनके कार्यक्रमों के नाम ही देख लीजिए। हल्ला बोल, दंगल, ताल ठोक के, मुकाबला, हुंकार, कुरुक्षेत्र। ऐसा लगता है मानो बस लोगों को भड़काने के लिए काम पर लगाए गए हो।”*_
*तो देखा आपने !! डिबेट के माध्यम से टीवी चैनल्स अपनी टी आर पी बढ़ाने के लिए क्या नहीं कर रहे ❓चैनल्स के एंकर वक्ताओं के सामने ऐसे सवाल उठाते हैं कि वह आपा खोकर ऐसा कुछ बोल जाते हैं, जिससे देश में तहलका मच जाता है। मूर्ख वक्ता भी बिना आगा पीछा सोचे मनचाहा और अनचाहा बोल जाते हैं।*?
*नूपुर शर्मा जिस टी वी डिबेट में भाग ले रही थीं, उससे पूर्व कुछ वक्ताओं ने हिंदू धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। एंकर ने चटखारे लिए। उनको रोका नहीं। और फिर प्रतिक्रिया जैसी होनी थी हुई। और तहलका मच गया।*?
*यहां टीवी चैनल्स के वे लोग भी उतने ही जिम्मेदार हैं जिन्होंने बिना आपत्तिजनक हिस्सों को हटाए ,एडिट किए शो को “ऑन एयर” कर दिया ।ताज्जुब की बात है कि सरकार ने उस चैनल और एंकर के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की।*?
*दो दो पैसे के लोगों को बुलाकर उनसे ज़हरीले वक्तव्य दिलवा कर , सिर्फ़ अपनी टीआरपी बढ़ाने वाले इन टीवी चैनल्स पर सरकार को लगाम कसनी चाहिए। कम से कम ऑनलाइन डिबेट पर तो रोक लगा देनी चाहिए।*?‍♂️
*डिबेट के माध्यम से एक दूसरे के धर्म पर टिप्पणी करना , समाज में जातिवादी सोच की कट्टरता को फैलाना, किसी भी तरह से देश हित में नहीं माना जा सकता ।*❌
*जो काम कुछ राजनीतिक पार्टियां बड़ी चालाकी से कर रही हैं वही काम ये टीवी चैनल्स बड़ी मूर्खता से कर रहे हैं।*?
*यदि सरकार ने तत्काल इन पर रोक नहीं लगाई तो पूरे विश्व को ये हमारे विरुद्ध खड़ा करवा देंगे।*?
*आज एक नूपुर शर्मा को लेकर मुस्लिम देश लामबंद हो रहे हैं कल किसी और को लेकर विवाद हो सकता है ।*?‍♂️
*अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को भौंकने की आज़ादी मानकर भड़ास निकालने वाले ओछी मानसिकता के लोगों को ठिकाने नहीं लगाया गया तो यह भोंक भौंक के देश को ठिकाने लगा देंगे।*?
*मेरा साफ़ तौर पर सरकार से आग्रह है कि वह ऑनलाइन डिबेट पर रोक लगाकर टीवी चैनल्स में अन्य मंचों को प्रतिबंधित कर दें।?*