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आकाश इंस्टिट्यूट राजस्थान ने जेईई मेन 2026 में रचा इतिहास, 60 विद्यार्थियों ने किया शानदार प्रदर्शन; यर्थव अग्रवाल बने टॉप स्कोरर 99.93 पर्सेंटाइल के साथ

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आकाश इंस्टिट्यूट राजस्थान ने जेईई मेन 2026 में रचा इतिहास, 60 विद्यार्थियों ने किया शानदार प्रदर्शन; यर्थव अग्रवाल बने टॉप स्कोरर 99.93 पर्सेंटाइल के साथ
आशा पटेल / जयपुर – १७ फरवरी २०२६
राजस्थान के 60 विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए लगभग परफेक्ट ओवरऑल पर्सेंटाइल हासिल किए तथा फिजिक्स और मैथमेटिक्स में प्रभावशाली 99 पर्सेंटाइल प्राप्त कर आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड का गौरव बढ़ाया।

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल ) के राजस्थान क्षेत्र के 60 विद्यार्थियों ने जेईई मेन (सेशन 1) में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर अपने क्षेत्र में शैक्षणिक कार्यक्रम की निरंतर सफलता को साबित किया।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा 16 फरवरी को घोषित परिणामों के अनुसार, आकाश इंस्टिट्यूट, राजस्थान क्षेत्र के 60 विद्यार्थियों ने जेईई मेन 2026 में उत्कृष्ट उपलब्धि दर्ज की।

यर्थव अग्रवाल 99.93 पर्सेंटाइल के साथ टॉप स्कोरर बने। उनके बाद दिव्यांशु जैन ने 99.89 पर्सेंटाइल और लिशा अग्रवाल ने 99.87 पर्सेंटाइल हासिल किए। स्वास्तिक बिकास देब ने 99.86 पर्सेंटाइल प्राप्त किया, जबकि वेदिक दाधीच ने 99.82 पर्सेंटाइल हासिल किए।

कनिष्क शर्मा ने 99.81 पर्सेंटाइल प्राप्त किए, वहीं उपलक्ष्य गोयल और प्रियंश भंडारी दोनों ने 99.79 पर्सेंटाइल हासिल किए। गर्गी पालीवाल ने 99.77 पर्सेंटाइल, प्रियंशु गुप्ता ने 99.75 पर्सेंटाइल और विभोर माहेश्वरी ने 99.74 पर्सेंटाइल प्राप्त किए, जो जेईई मेन 2026 में राजस्थान क्षेत्र की मजबूत शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाता है।

विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के रीजनल डायरेक्टर श्री अखिलेश दीक्षित ने कहा, “राजस्थान के हमारे विद्यार्थियों के असाधारण परिणाम उनकी शैक्षणिक प्रतिबद्धता और आकाश के मजबूत शैक्षणिक तंत्र का प्रमाण हैं। हमें उनके परिश्रम पर गर्व है और हम उन्हें उनकी सफलता के लिए हार्दिक बधाई देते हैं। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।”

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी बताया कि, आत्म-अनुशासन, नियमित अभ्यास, कठोर प्रशिक्षण, समय पर मार्गदर्शन और नियमित मूल्यांकन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम, अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित मॉक टेस्ट के अवसरों के माध्यम से वे अपनी पढ़ाई पर केंद्रित रहे, समय रहते कमजोरियों की पहचान की और लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया।

जेईई मेन वर्ष में दो अवसरों पर आयोजित की जाती है, जिससे विद्यार्थियों को अपने पूर्व परिणामों में सुधार का अवसर मिलता है। यह परीक्षा एनआईटी , आईआईटी और अन्य सरकारी समर्थित संस्थानों में प्रवेश का माध्यम है, साथ ही जेईई ऐडवांस्ड के लिए पात्रता प्रदान करती है, जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश हेतु आयोजित की जाती है।