मौत का सामान परोस रहे धंधेबाज, नकेल कसने में पूरी यंत्रणा फेल

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– नकली गुटखा, खर्रा, नकली माजा, मीठी सुपारी की बिक्री रोज करोड़ों में
– कार्रवाई हो तो रही है, लेकिन छुटभैयों पर, बड़ी मछलियां धंधे में गहरे उतरी हैं
– छापा मारने से पहले वर्दी में छिपे चेहरे ही ‘धंधेबाजों’ को करते हैं सावधान
मूल
चंद्रपुर जिले में तमाम नकेल के बावजूद अवैध धंधों पर अंकुश नहीं लग पा रही है। इसमें भी खासकर जानलेवा नकली गुटखा, खर्रा, नकली माजा, मीठी सुपारी की बिक्री रोज करोड़ों में पहुंच रही है। हैरत यह कि संबंधित विभाग कार्रवाई करने का दावा करते हुए अपनी पीठ भी थपथपा रहा है, तो सवाल यह कि आखिर नकेल के बावजूद खेल कैसे जारी है। दरअसल, कार्रवाई हो तो रही है, लेकिन छुटभैयों पर। बड़ी मछलियां धंधे में गहरे उतरकर करोड़ों के वारे-न्यारे कर रही हैं। इधर, पुलिस वाले अपनी वाहवाही लूट रहे हैं।
हमाली करने वाला ऐश में
इस अवैध कारोबार से करोड़ों कमा चुका इस धंधे का बेताज बादशाह माफिया सरगना जयसुख और उसके मूल के जेठया कल तक ट्राली चलाकर हमाली करते थे, आज शाही वातानुकूलित आलीशान घर में रहते हैं। बड़ी लग्जरी कारों में ऐश करने वाला जेठया और उसके गुर्गे दल्ले सरेआम आज भी यह अवैध कारोबार कर रहे है और करोड़ों का अवैध माल जगह जगह सप्लाई कर रहे हैं और शासकीय यंत्रणा आंखे मूंदे बैठी है।
दिखावे की रेड अक्सर पड़ती है
चंद्रपुर जिले में जयसुख के मूल स्थित गुर्गे जेठ्या , पंकज , नीरज , सागर , ठाकुर , नितेश भास्कर इनका पूरे चंद्रपुर जिले के अलावा आसपास के 4 / 5 ज़िलोंके गांव ,शहरों , तहसीलों में लाखों के गुटका , खर्रा , माजा , तंबाकू , नकली मीठी सुपारी के बक्से , बोरे डग्गा गाडियों से टू व्हिलरों से , ऑटो से सरेआम सप्लाई करना जारी है। इन दल्लों में से कुछ ने बताया कि जिले के एलसीबी वाले हो या कहीं के भी पुलिसवाले हो हमारे अड्डों पर ( शिकायत करने से या कोई समाचार प्रकाशित करने से ) छापा मारने से पहले हमको सतर्क कर देते हैं और हमें सब माल हटाने का मौका मिल जाता है। इसके बाद सिर्फ रेड डालने की नौटंकी दिखावा किया जाता है।
रसूखदार बने हैं धंधेबाज
जयसुख के जिले भरमें कई गांवों शहरों में यह अवैध प्रतिबंधित जानलेवा माल छुपाकर रखने के कई अड्डे और गोडाऊन हैं ! जेठ्या अनिल इन दिनों जयसुख के खास दल्लों में शुमार है । जयसुख जेठ्या के गुर्गे नितेश , भास्कर, सागर और अनिल के जरिये ही यह माल सिंदेवाही , चिरोली , नागभीड़ गडचिरोली और कई ज़िलों में माल पहुंचाता है। बदले में वर्दिधारियों की जेबें गर्म कर दी जाती हैं। जेठ्या की हस्ती यह है कि इस रसूख के कारण दो पुलिसिए तो हमेशा जेठ्या और उसके गुर्गों के तलवे चाटते नजर आते हैं।
फूड एंड ड्रग्स वालों से भी दोस्ती
फूड एंड ड्रग्स वालों की दोस्ती की चर्चा भी कम नहीं। कंपनियों से बने बनाये आने वाले खर्रा – गुटखा की पन्नियों पर और माजा के डिब्बों पर तम्बाकू का सेवन जानलेवा है, यह प्रिंट छपा रहता है, लेकिन न तो सेवन करने वाले सुधरते हैं और न ही फूड एंड ड्रग्स इसकी बिक्री पर नकेल कस पा रहा है। नतीजा लोग मौत को निमंत्रण देते हैं और कैंसर जैसी बीमारी के शिकार होते हैं।
आज मालामाल है
पहले टिन के पत्रे वाले माजा के खाली डिब्बे भंगार वालों ( स्क्रेप वाले ) को 20 ₹ ( बीस रुपये ) किलो के हिसाब से बेचते थे। अब यही माजा के टीन के पत्रेवाले खाली डब्बे अवैध गुटका खर्रा और अवैध देसी विदेशी शराब जिले भर में और गडचिरोली जिले तक लाखों का माल सप्लाई करने वाला जेठ्या जो किसी जमाने में ट्रॉली हमाली करता था अब अवैध कारोबार के चलते मालामाल बनकर ऐश कर रहा है ।
गजब का गणित
माजा के टीन के पत्रे वाले खाली डिब्बे पान टपरीवालों से और गुटका खर्रा माजा बेचने वालों से खाली डिब्बा 20/ ₹ ( बीस रुपये ) और ईगल तम्बाकू गुटका की खाली कागज की एक प्रिंटेड पन्नी 10 / ₹ ( दस रूपये ) मे जेठ्या लेता है। इसके बाद जेठ्या अपने नितेश नामके एक गुर्गे के जरिये पास के ही अतिचर्चित एक गांव में नकली गुटका खर्रा, माजा बनवाकर फिर उन्ही खाली पन्नियों में और माजा के डिब्बों मे नकली गुटका खर्रा तम्बाकू भरकर जिले भर में ही नहीं, गड़चिरोली जिले तक लाखों का नकली माल सप्लाई करके मौत बांट रहा है। बंटी , प्रकाश , अखिलेश गैंग के सरगना इस अवैध देसी विदेशी शराब और नकली गुटका खर्रा माजा बेचकर माल दोनों हाथों से बटोर रहे हैं।
थानों में जेठ्या की गैंग के लोग
सालों से एक ही थाने में डेरा जमाये बैठे जेठ्या के गैंग के इस जानलेवा नकली गुटका खर्रा माजा अवैध शराब के रैकेट की पूरी जानकारी रखने वाले खाकी वर्दीधारी हरे हरे नोट समेटने में व्यस्त रहते हैं। जेठ्या चोरी और सीनाजोरी करता हुआ धड़ल्ले से कारोबार कर रहा है। बंटी के साथ चार पहिया वाहनों से रात के अंधेरे में वह नकली शराब के अलावा नकली गुटका खर्रा माजा बक्से को सरेआम अड्डों पर पहुंचाता है।
पालकमंत्री के निर्देश हवा में
चंद्रपुर के पालकमंत्री सुधीर मुनगंटीवारजी ने भी हाल ही में जिले के पुलिस विभाग की नियोजन भवन में मीटिंग ली थी और अवैध कारोबारों पर प्रतिबंध लगाने की बात जिले के आला अधिकारियों से कही थी। पुलिस अधीक्षक सुदर्शन मुमक्का ने भी पद स्वीकारते ही अवैध शराब बिक्री अवैध जानलेवा नकली गुटका खर्रा ईगल पन्नी , माजा ,तंबाकू ,मीठी सुपारी के कारोबारियों पर लगाम लगाकर कड़ी कार्रवाई की बात कही थी, यह अवैध कारोबार सरेआम जारी है।
जिलाधिकारी ने तेवर कड़े
जिलाधिकारी ने भी हाल ही में इन अवैध कारोबारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की बात की है। इन नकली गुटका खर्रा के कारोबार के लिए एमआयडीसी में बंद पड़े कारखानों उद्योगों के गोडाउंस पर भी नजर रखने की बात कही है। आखिर जेठ्या – नितेश – बंटी – प्रकाश अमोल का यह अवैध कारोबार सरेआम किसके वरदहस्त से फल फूल रहा है और कई जिलों में अपनी जड़े जमा चुका है, यह भी निष्पक्ष कड़ी जांच का विषय है।
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