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*“मरुधरा में विकसित कृषि:* *आत्मनिर्भर भारत की ओर”* *“जलवायु अनुकूल टिकाऊ खेती, समृद्ध किसान एवं विकसित भारत का सपना”*

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*“मरुधरा में विकसित कृषि:* *आत्मनिर्भर भारत की ओर”*
*“जलवायु अनुकूल टिकाऊ खेती, समृद्ध किसान एवं विकसित भारत का सपना”*
*आशा पटेल, जयपुर द्वारा प्रेषित समाचार*
*कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा आयोजित कृषि विज्ञान मेला–2026 के अवसर पर GRAVIS द्वारा एक एक्सपोज़र विज़िट का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 14 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।*

यह एक्सपोज़र विज़िट European Union के सहयोग से संचालित “महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के माध्यम से कृषि-आधारित आजीविका का संवर्धन” (SABL) परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसमें परियोजना क्षेत्र से इंटर-जनरेशनल लर्निंग ग्रुप्स (ILGs) एवं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी लगभग 70 महिला किसानों ने सक्रिय भागीदारी की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित आजीविका को सशक्त बनाना, महिलाओं को तकनीकी ज्ञान से जोड़ना तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना रहा। साथ ही महिलाओं एवं युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों, उद्यमिता कौशल, बाजार से जुड़ाव तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान कर उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया गया।

कृषि विज्ञान मेला–2026 का आयोजन “मरुधरा में विकसित कृषि: आत्मनिर्भर भारत की ओर” एवं “जलवायु अनुकूल टिकाऊ खेती, समृद्ध किसान एवं विकसित भारत का सपना” को साकार करने के उद्देश्य से किया गया। देश के विकास में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए किसानों तक नवीनतम कृषि ज्ञान, अनुसंधान एवं तकनीकों का प्रभावी प्रसार करना इस मेले का प्रमुख उद्देश्य रहा।

मेले के मुख्य आकर्षणों में कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों द्वारा संवाद एवं व्याख्यान, आधुनिक कृषि तकनीकों एवं कौशल का प्रदर्शन, उन्नत किस्मों की फसलों का प्रदर्शन एवं क्षेत्र भ्रमण शामिल रहे। इसके साथ ही प्रगतिशील किसानों, स्वयं सहायता समूहों एवं उत्पादक समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री, नवीन कृषि यंत्रों, सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों एवं नवाचारों का जीवंत प्रदर्शन तथा जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। मेले में उन्नत बीज, उर्वरक एवं कीटनाशकों की प्रदर्शनी एवं बिक्री, सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं मार्गदर्शन, फसलों के रोग-कीट निदान एवं उपचार परामर्श तथा मिट्टी एवं जल नमूनों की जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। साथ ही डिजिटल कृषि, ड्रोन तकनीक एवं पौध संरक्षण उपकरणों का प्रदर्शन तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती से संबंधित सामग्री की उपलब्धता ने किसानों के लिए इस मेले को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बनाया।

GRAVIS द्वारा आयोजित इस एक्सपोज़र विज़िट से महिला किसानों को नवीन कृषि तकनीकों, बाजार संभावनाओं एवं सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई तथा वे अपनी आजीविका को और अधिक सशक्त बनाने हेतु प्रेरित हुईं।

यह पहल “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण महिलाओं एवं किसानों को सतत, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर करती है।